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महर्षि वाल्मीकि का जीवन परिचय/रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि/

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रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का जीवन परिचय   👉 वाल्मीकि , संस्कृत रामायण के प्रसिद्ध रचयिता है जो आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध है। रामायण एक महाकाव्य है जो कि श्री राम के जीवन के माध्यम से हमें जीवन के सत्य व कर्तव्य से , परिचित करवाता है।   महर्षि वाल्मीकि , जो एक आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने संस्कृत में रामायण की रचना की है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रची रामायण वाल्मीकि रामायण कहलाई। वाल्मीकि जी का जन्म हिंदू कैलेंडर के अनुसार आश्विन माघ की पूर्णिमा को हुआ था। इनका बचपन का नाम रत्नाकर था।   यह मान्यता है कि इनका जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। लेकिन बचपन में एक भीलनी ने वाल्मीकि को चुरा लिया था , जिस कारण उनका पालन पोषण भील समाज में हुआ और वे डाकू बने। डाकुओं के संसर्ग में रहने के कारण ये लूटपाट और हत्याएं करने लगे और यही इनकी आजीविका का साधन हो गया। महर्षि वाल्मीकि के नाम को लेकर एक किस्‍सा चर्चित है कि वे एक बार वह भगवान राम की साधना में लीन थे तो उनके शरीर पर दीमकों ने अपना घर बना लिया था। इस सबसे बेखबर वाल्मीकि जी ईश्‍वर भक्ति में ही डूबे थे। ...

समरुपी भिन्नार्थक शब्द/हिंदी व्याकरण- श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द 100 शब्द/

  समरुपी भिन्नार्थक शब्द- जो शब्द पढ़ने अथवा सुनने में लगभग एक से लगते है , परंतु अर्थ की दृष्टि से भिन्न होते है श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द कहलाते है। इन्हें समरुपी , समोच्चरित , समध्वनि और युग्म शब्द भी कहते है। जैसें- तरंग और तुरंग दोनों शब्दों के उच्चारण में कोई खास अंतर नही है परन्तु अर्थ में भिन्नता है। तरंग- लहर और तुरंग- घोड़ा।   •      तप्त- गर्म          तृप्त- संतुष्ट •      तरंग- लहर         तुरंग- घोड़ा •      तरणी- नौका        तरणि- सूर्य •      निर्जर- देवता        निर्झर- झरना •      नीर- पानी           नीड़- घोंसला •      नियत- निश्चित      नीयत- इच्छा •      तड़ाक- जल्दी        तड़ाग- तलाब •  ...

मधु कांकरिया का जीवन परिचय/कक्षा 12वी/हिंदी लेखिका/

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  मधु कांकरिया का जीवन परिचय मधु कांकरिया हिन्दी साहित्य की प्रतिष्ठित लेखिका है। इनका जन्म सन् 1957 में कोलकता में हुआ था। इन्होंने कोलकता विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम. ए. की परीक्षा उतीर्ण की। इनको किताबें पढ़ने का बहुत शौक था। अपने कॉलेज के दिनो से ही इन्होंने कहानियाँ लिखना प्रारंभ कर दिया था। मधु कांकरिया का हिंदी के गद्य साहित्य में एक विशिष्ट स्थान रहा है। इनके लेखन कार्य का मुख्य क्षेत्र गद्य है। 👉पुरुस्कार-     मधु कांकरिया को अनेक पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया।       सन् 2008 में कथा क्रम सम्मान     सन् 2009 में समाज गौरव सम्मान और हेमचंद आचार्य                  साहित्य सम्मान     सन् 2012 में विजय वर्मा कथा सम्मान पुरुस्कार     सन् 2015 में शिवकुमार मिश्र स्मृति कथा सम्मान     सन् 2018 में प्रेमचन्द स्मृति कथा सम्मान     सन् 2019 में मीरा स्मृति सम्मान सन् 2020 में श...

कुँवर नारायण का जीवन परिचय/हिंदी कवि कुँवर नारायण/

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  कुँवर नारायण का जीवन परिचय कुँवर नारायण नई कविता के प्रमुख कवियों में से एक है। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में 19  सितम्बर , 1927 को हुआ था। आरम्भिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में पूरी करने के बाद वे लखनऊ चले गए और वहाँ से उच्च शिक्षा प्राप्त की। कुंवर जी ने विज्ञान वर्ग से इंटर तक की शिक्षा पूर्ण की थी। इन्होने लखनऊ विश्वविद्यालय से सन् 1951 में अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की। अध्ययन के दौरान ही वे हिंदी साहित्य का ज्ञान भी प्राप्त करने लगे थे। कुँवर नारायण एक कुशल सम्पादक तथा विनोदप्रिय कवि थे। ये ‘ युग चेतना ’ ‘ नया प्रतीक ’ ‘ छायानट ’ पत्रिकाओं के सम्पादक मण्डल से भी जुड़े हुए थे। पुरुस्कार- इन्हें विभिन्न पुरुस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है- जिनमें से ज्ञानपीठ पुरुस्कार , साहित्य अकादमी पुरस्कार , व्यास सम्मान , प्रेमचंद सम्मान , कुमारन पुरस्कार , कबीर राष्टीय सम्मान , शलाका सम्मान आदि प्रमुख है। रचनाएँ-   कुँवर नारायण का हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रहा है उन्होंने साहित्य में अनेक विधाओं की रचनाएँ की है जो इस प्रकार है- ...