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Showing posts from April, 2021

Viram chinh (विराम-चिन्ह )

                                        विराम-चिन्ह विराम का शाब्दिक अर्थ है- ठहराव , विश्राम ,  रुकना ,  आराम। वाक्य लिखते समय विराम को प्रकट करने के लिए लगाये जाने वाले चिन्ह को विराम चिन्ह कहते है।   पाठक के भाव-बोध को सरल और सुबोध बनाने के लिए विराम चिन्हों का प्रयोग होता हैं। हिन्दी में प्रयुक्त विराम चिन्ह- 1. अल्प विराम ( ,) (comma) 2. पूर्ण विराम (।) ( Full Stop) 3. अर्द्ध विराम ( ;) (Semicolon) 4.    उप विराम (:) ( Colon ) 5. योजक चिन्ह(-) (Hyphen) 6. प्रश्नवाचक चिन्ह( ?) (Interrogation) 7. विस्मयादिबोधक चिन्ह(!) ( Exclamation) 8. उद्धरण चिन्ह या अवतरण चिन्ह ( ‘’ ‘’) (Inverted Comma) 9. विवरण चिन्ह या आदेश चिन्ह (:‌‌-) ( Sign of following) 10.  कोष्ठक चिन्ह () (Bracket) 1.    अल्पविराम ( ,) (comma)-                 हिन्दी में प्रयुक्त विरामचिन्हों में अल्पविराम का प्रयोग सबसे अधिक होता है। अल्प विरा...

Alankar (अलंकार के भेद)

                                                               अलंकार अलंकार दो शब्दों के योग से बना हैं अलम्+कार। जिसका शाब्दिक अर्थ है- आभूषण या गहना। जिस प्रकार स्त्री की शोभा आभूषण से होती हैं , उसी प्रकार काव्य की शोभा अलंकार से होती हैं। साधारण भाषा में- जिन शब्दों के द्वारा काव्य में सुन्दरता लाई जाती हैं उन्हें अलंकार कहते हैं। परिभाषा –        ‘’ भाषा को शब्दार्थ से सुसज्जित तथा सुन्दर बनाने वाले चमत्कारपूर्ण मनोरंजक ढंग को अलंकार कहते ’ हैं ’’ ।         जिस प्रकार आभूषण स्वर्ण से बनते हैं उसी प्रकार अलंकार भी सुवर्ण (सुंदर  वर्णो) से बनते हैं।   अलंकार के भेद-       1. शब्दालंकार       2. अर्थालंकार 1. शब्दालंकार-         जहाँ काव्य में शब्दों के प्रयोग से सौन्दर्य और चमत्कार उत्...