महर्षि वाल्मीकि का जीवन परिचय/रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि/
रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का जीवन परिचय
👉वाल्मीकि, संस्कृत रामायण के प्रसिद्ध रचयिता है जो आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध है। रामायण एक महाकाव्य है जो कि श्री राम के जीवन के माध्यम से हमें जीवन के सत्य व कर्तव्य से, परिचित करवाता है।
महर्षि वाल्मीकि, जो एक आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने संस्कृत में रामायण की रचना की है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रची रामायण वाल्मीकि रामायण कहलाई।
वाल्मीकि जी का
जन्म हिंदू कैलेंडर के अनुसार आश्विन माघ की पूर्णिमा को हुआ था। इनका बचपन का नाम
रत्नाकर था।
यह मान्यता है
कि इनका जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। लेकिन बचपन में एक भीलनी ने वाल्मीकि
को चुरा लिया था, जिस कारण उनका पालन पोषण भील समाज में हुआ और वे
डाकू बने। डाकुओं के संसर्ग में रहने के कारण ये लूटपाट और हत्याएं करने लगे और
यही इनकी आजीविका का साधन हो गया।
महर्षि
वाल्मीकि के नाम को लेकर एक किस्सा चर्चित है कि वे एक बार वह भगवान राम की साधना
में लीन थे तो उनके शरीर पर दीमकों ने अपना घर बना लिया था। इस सबसे बेखबर
वाल्मीकि जी ईश्वर भक्ति में ही डूबे थे। साधना पूरी होने के बाद ही वाल्मीकि जी
ने दीमकों को अपने शरीर से हटाया था। तभी से उनका नाम वाल्मीकि पड़ गया। दीमकों
के घर को वाल्मीकि ही कहा जाता है। इस वजह से महर्षि का नाम भी वाल्मीकि पड़
गया।
हिंदू कैलेंडर
के अनुसार, महर्षि
वाल्मीकि का जन्मदिन आश्विन महीने की पूर्णिमा तिथि को पड़ता है यानि आश्विन महीने की पूर्णिमा को शरद
पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है।
आश्विन महीने
की पूर्णिमा तिथि वाल्मीकि जयंती के रुप में मनाई जाती है।
Comments
Post a Comment