पर्यायवाची शब्द/ 100 पर्यायवाची शब्द लिखिए।

 पर्यायवाची शब्द (हिंदी व्याकरण) 

जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते है। 

§  अग्नि- आग, पावक, अनल, दहन, धूमकेतु।

§  अंग- अवयव, भाग, खंड।

§  अंधकार- अँधेरा, तम, तिमिर।

§  असुर- दानव, दैत्य, दनुज, राक्षस, निशाचर।

§  आँचल- पल्ला, छोर, दामन।

§  आकाश- गगन, नभ, अम्बर, व्योम, अंतरिक्ष।

§  आँख- अक्षि, नेत्र, लोचन, नयन, चक्षु, विलोचन।

§  आभूषण- अलंकार, गहना, जेवर, भूषण, आभरण।

§  अनुचर- सेवक, नौकर, दास, भृत्य।

§  अहंकार- घमंड, अभिमान, दर्प, दंभ।

§  आश्रम- मठ, विहार, कुटी, संघ, अखाड़ा।

§  अध्यापक- आचार्य, गुरु, शिक्षक, प्रवक्ता, व्याख्याता।

§  अश्व- वाजि, घोड़ा, घोटक, तुरंग, हय।

§  अनाज- अन्न, धान्य, गल्ला, शस्य।

§  आम- आम्र, रसाल, अमृतफल, फलराज, रसघट।

§  अपमान- अवज्ञा, अनादर, तिरस्कार, निरादर, बेइज्जती।

§  अमृत- पीयूश, सुधा, सोम, अमिय, जीवनोदक।

§  अतिथि- मेहमान, आगंतुक, पाहुन, अभ्यागत।

§  आनंद- हर्ष, प्रमोद, आमोद, सुख, प्रसन्नता, उल्लास।

§  इंद्रधनुष- इंद्रायुध, सुरधनु, सप्तवर्ण, शक्रचाप।

§  गंगा- देवनदी, सुरसरित, भागीरथी, मंदाकिनी, ध्रुवनंदा।

§  गणेश- लम्बोदर, गजानन, विनायक, गणपति, एकदंत, मूषकवाहन।

§  गाय- गौ, धेनु, सुरभि, गऊ।

§  गज- हाथी, मतंग, कुँजर, हस्ती।

§  गेह- घर, निकेतन, आवास, भवन, सदन, गृह, धाम।

§  घोड़ा- घोटक, अश्व, वाजि, तुरंग।

§  घर- गृह, आलय, भवन, सदन।

§  जल- नीर, पानी, जीवन, पय, अमृत, तोय।

§  तालाब- सर, सरोवर, पुष्कर, जलाशय, तड़ाग।

§  कपड़ा- वस्त्र, पट, वसन, अम्बर, चीर।

§  कुशल- दक्ष, निपुण, प्रवीण, विशेषज्ञ, पारंगत।

§  कुसुम- फूल, पुष्प, सुमन, प्रसून।

§  किरण- मरीचि, रशिम, प्रभा, अंशु, मयूख।

§  कोष- खजाना, भंडार, निधि।

§  कंदरा- गुफा, खोह, गुहा।

§  कोमल- मुलायम, मृदु, सुकुमार, नरम।

§  किताब- पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक।

§  कृपा- दया, अनुकंपा, अनुग्रह, मेहरबानी।

§  कुबेर- यक्षराज, धनद, राजराज, धनाधिप।

§  तलवार- कृपाण, खड्ग, असि, चंद्रहास।

§  तारा- सितारा, तारक, नक्षत्र।

§  तरु- वृक्ष, पादप, विटप, पेड़।

§  तीर- वाण, शर, शिलीमुख, विशिख।

§  झंडा- ध्वज, पताका, वैजयंती।

§  दया- कृपा, क्षमा, सान्त्वना, अनुग्रह, सहानुभूति।

§  देवता- सुर, अमर, देव, निर्जर, आदित्य, त्रिदश।

§  दास- सेवक, नौकर, अनुचर, चाकर, परिचारक।

§  दु:ख- कष्ट, पीड़ा, व्यथा, संकट, शोक, क्लेश, वेदना।

§  दूध- क्षीर, पय, गोरस, दुग्ध।

 

 

 


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