भाषा, बोली तथा उपभाषा
भाषा, बोली तथा उपभाषा
👉भाषा- भाषा शब्द संस्कृत के भाष् धातु से बना है इसका
अर्थ वाणी को व्यक्त करना है। भाषा मनुष्य की सार्थक व्यक्त वाणी को कहते है इसके
द्वारा मनुष्य के भावों, विचारों और भावनाओं
को व्यक्त किया जाता है।
👉भाषा के दो रुप है-
1. मौखिक भाषा 2. लिखित भाषा
👉बोली-
भाषा का
क्षेत्रीय रुप बोली कहलाता है। एक सीमित क्षेत्र में बोले जाने वाला भाषा का
स्थानीय रुप बोली कहलाता है।
👉उपभाषा-
भाषा का वह रुप
जिसका क्षेत्र बोली से बड़ा होता है, उसे उपभाषा कहते है। एक उपभाषा की कई बोलियाँ हो सकती है। हिंदी की 5
उपभाषाएँ एवं 18 बोलियाँ मानी जाती है।
👀हिंदी की 5 उपभाषाएँ एवं 18 बोलियाँ
उपभाषाएँ बोलियाँ
1. पूर्वी हिंदी-- अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी।
2. पश्चिमी
हिंदी-- खड़ी बोली, हरियाणवी, ब्रजभाषा,
बुंदेली, कन्नौजी।
3. राजस्थानी
हिंदी-- मारवाड़ी,
जयपुरी, मेवाड़ी, मेवाती।
4. पहाड़ी हिंदी-- कुमाऊँनी,
गढ़वाली।
5. बिहारी हिंदी-- मैथिली, मगही, भोजपुरी,
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