शरीर के अंगों से सम्बंधित मुहावरें। मुहावरें अर्थ और वाक्य सहित।

 शरीर के अंगों से सम्बंधित मुहावरें अर्थ और  वाक्य सहित

1. आँखें चुराना- अपने को छिपाना- नकल करते पकड़े जाने पर रवि सभी से आँखें चुराने लगा।

2. कान कतरना- बहुत चतुर होना- आजकल तो छोटे-छोटे बच्चे ही कान कतरने में बड़े-बड़ों को पीछे छोड़ देते है।

3. आँखों के आगे अँधेरा छाना- मूर्छित होना- गरमी में दोपहर के समय मेरी आँखों के आगे अँधेरा छा गया।

4. अँगूठा दिखाना- इंकार करना या साफ मना करना- जब मैंनें राधा से सौ रुपये उधार माँगे तो उसने मुझे अँगूठा दिखा दिया।

5. आँखे उठाकर न देखना- ध्यान न देना- एकाग्र मन से पढ़ते छात्र अपने आस-पास हो रही घटनाओं को आँख उठाकर भी नहीं देखते।

6. गले मढ़ना- जबरदस्ती थोप देना- सोहन ने अपने पुराने कपड़े रामू के गले मढ़ दिये।

7. कान पर जूँ न रेंगना- ध्यान न देना, अनसुनी करना- सरकार तो बड़ी-बड़ी बातें कहती है, मगर अफसरों के कान पर जूँ नहीं रेंगती।

8. हाथ का खिलौना- किसी के आदेश के अनुसार काम करने वाला व्यक्ति- वरुण तो अपने मालिक के हाथ का खिलौना है।

9. कान का कच्चा- बिना जाँच किये प्रत्येक बात पर विश्वास कर लेना- जो व्यक्ति कान के कच्चे होते है वे मित्र बनाने योग्य नहीं होते।

10. आँखें फेर लेना- उदासीन हो जाना- मतलब निकल जाने के बाद उसने मेरी ओर से बिलकुल आँखे फेर ली।

11. माथा ठनकना- संदेह होना- मकान का टूटा ताला देख मेरा माथा ठनक गया।

12. आँख लगना- सो जाना- पुस्तक पढ़ते-पढ़ते पत्ता नहीं कब मेरी आँख लग गई।

13. मुँह की खाना- पराजित होना- भारत-पाक युद्ध में पाक सेना को मुँह की खानी पड़ी।

14. हाथों हाथ बिक जाना- बहुत जल्दी बिक जाना- मोहन अपने खेत से आम तोड़कर मंडी में ले गया, वह आम हाथों हाथ बिक गए।

15. कान पकड़ कर रोना- अपनी गलती पर शर्मिदा होना- तुम मेरी बात पर अब ध्यान नही दे रहे हो मगर जब तुम्हारा बड़ा नुकसान होगा तो कान पकड़कर रोने लगोगे। 

16. हाथ भर का कलेजा होना- बहुत खुश होना- सरकारी     नौकरी मिलने पर रवि का हाथ भर का कलेजा हो गया।

17. मन में लड्डू फूटना- बहुत प्रसन्न होना- जब से रीना का विवाह निश्चित हुआ है तभी से उसके मन में लड्डू फूट रहे है।

18. हाथ पाँव फूलना- डर से घबरा जाना- पुलिस को अचानक दरवाजे पर देखकर मेरे हाथ पाँव फूल गए।

19. हाथ पर हाथ धरे बैठना- कुछ कामकाज न करना- राधा हाथ पर हाथ धरे बैठने से काम नहीं चलेगा।

20. आँखें दिखाना- क्रोध करना- एक तो गलती करते हो, ऊपर से आँखें दिखाते हो।

21. हाथ धो बैठना- आशा खो देना- राज ने अपनी माँ का बहुत इलाज करवाया लेकिन फिर भी वह उससे हाथ धो बैठा।

22. हाथ जोड़ना- संबंध न रखना- जरा सी बात पर राज ने अपनी पत्नी से हाथ जोड़ दिए।

23. नाक काटना- बदनाम करना- भारी सभा में उसने मेरी नाक काट दी।

24. कान फूँकना- दीक्षा देना, बहकाना- मोहन के कान सोहन ने फूँके थे, फिर उसने किसी की कुछ न सुनी।

25. नाक रगड़ना- दीनतापूर्वक प्रार्थना करना या विनती करना- उसने मालिक के सामने बहुत नाक रगड़ी, पर मालिक ने उसकी एक न सुनी।

26. हाथों में चूडियाँ पहनना- कायरता का काम करना- तुमने क्या हाथों में चूडियाँ पहन रखी है, जो तुम किसी की गलत बात का जवाब भी नहीं देते।

27. कलेजा दो टूक होना- बहुत दु:खी होना- तुमने आज जैसी बात कही है, उनसे मेरा कलेजा दो टूक हो गया है।

28. पैर की जूती- बहुत तुच्छ, महत्वहीन वस्तु या व्यक्ति- कुछ लोग महिलाओं को पैर की जूती समझते है जो कि गलत है।

29. नाक-भौं चढ़ाना- क्रोध अथवा घृणा करना- तुम ज्यादा नाक-भौं चढ़ाओगे, तो ठीक न होगा।

30. हाथों के तोते उड़ जाना- स्तब्ब हो जाना या चौक जाना- परीक्षा में कठिन प्रश्न देखकर सीता के हाथों के तोते उड़ गए।

31. नाक पर मक्खी न बैठने देना- अपने पर आँच न आने देना या निर्दोष बचे रहना- उसने कभी नाक पर मक्खी बैठने ही न दी।

32. सिर पर खून सवार होना- मरने-मारने को तैयार रहना- जब पत्नी ने शराब देने से मना किया तो मोहित के सिर पर खून सवार हो गया।

33. खोपड़ी खाली होना- श्रम करके दिमाग का थक जाना-  उसे पढ़ाकर तो मेरी खोपड़ी खाली हो गई, फिर भी उसे कुछ समझ नहीं आया।

34. दाँत खट्टे करना- बुरी तरह हराना- शिवाजी की सेना ने कई बार मुगलों के दाँत खट्टे किए।

35. हाथ का मैल होना- अति तुच्छ होना- पैसा तो हाथ का मैल होता है इसके पीछे नहीं भागना चाहिए।

36. हाथ डालना- हस्तक्षेप करना- दूसरे के काम में हाथ नहीं डालना चाहिए।

37. कान देना- ध्यान देना- शिक्षकों की बातों पर ध्यान दीजिए।

38. कान में तेल डालना- कुछ न सुनना- मैं कहते-कहते थक गया, पर ये कान में तेल डाले बैठे है।

39. दाँतों तले उँगली दबाना- आश्चर्य प्रकट करना- आठ साल की लड़की को कार चलाते देखकर सभी ने दाँतों तले उँगली दबा ली।

40. सिर उठाना- विरोध करना- कमजोर शासक के सामने शत्रु सिर उठाने लगते है।

41. टाँग अड़ाना- बाधा डालना- किसी के निजी कार्य में टाँग अड़ाना अच्छी बात नहीं है।

42. नाक का बाल होना- अधिक प्यारा होना- राजू अपने माता-पिता के नाक का बाल है।

43. नाक रहना- इज्जत बचना- राम ने रावण को मारकर सीता की नाक रख ली।

44. हाथ उठाना- मारना या पीटना- महेश ने अपने नौकर पर हाथ उठाया।

45. पैर जमाना- किसी स्थान पर दृढ़ता से टिक जाना, मजबूत होना- उसने इस शहर में अपने पैर जमा लिए है, अब वह कही नहीं जाएगा।

46. कलेजे पर पत्थर रखना- सहन करना- जवान बेटे की मृत्यु की खबर सुनकर पिता कलेजे पर पत्थर रखकर रह गया। 

47. आँखों का तारा होना- अत्यन्त प्रिय- कृष्ण अपनी माँ की आँखों का तारा है।

48. पीठ पीछे छुरा भोंकना- किसी के साथ विश्वासघात करना या धोखा देना- उसने मेरी पीठ में छुरा भोंक दिया।

49. नाक ऊँची होना- प्रतिष्ठा या मान-सम्मान बढ़ाना- क्रिकेट में इंडिया की टीम ने जीत कर इंडिया की नाक ऊँची कर दी। 

50. आँख का किरकिरी- बुरा लगना या शत्रु- विद्वानों की सभा में बुरा व्यवहार करने वाला व्यक्ति आँख का किरकिरी बन जाता है।

 

 

 

 


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