औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा में अन्तर/ Formal Education & Informal Education/

                         औपचारिक शिक्षा और अनौपचारिक शिक्षा

औपचारिक शिक्षा-

        नियमित शिक्षा प्रक्रिया को औपचारिक शिक्षा कहा जाता है। विघालयों, कॉलेजों, विश्वविघालयों एंव अन्य संस्थाओं में जाकर छात्र जो शिक्षा प्राप्त करते है वह औपचारिक शिक्षा के अंतर्गत आती है। औपचारिक शिक्षा को योजनाबद्ध शिक्षा, नियमित शिक्षा या सचेत शिक्षा भी कहते है।

अनौपचारिक शिक्षा-

        अनियमित शिक्षा (संस्था के बन्धन से मुक्त शिक्षा) को अनौपचारिक शिक्षा कहा जाता है। यह शिक्षा छात्र स्वयं वातावरण से सीखते है। इसे छात्र अपने परिवार, आस-पड़ोस कही से भी प्राप्त कर सकता है। यह शिक्षा जीवन पर्यन्त चलती रहती है।

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औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा में अन्तर

  1.  औपचारिक शिक्षा नियमित होती है।

     अनौपचारिक शिक्षा अनियमित होती है।

  2. औपचारिक शिक्षा को छात्र दूसरे की सहायता से सीखता है।

     अनौपचारिक शिक्षा को छात्र स्वयं वातावरण से सीखता है।

  3. इसमें शिक्षा देने की योजना अर्थात समय, स्थान, अध्यापन         विधि, पाठ्यक्रम पूर्व निर्धारित होता है।

    अनौपचारिक शिक्षा व्यावहारिक होती है यह जन्म से ही शुरु हो     जाती है।

 4. औपचारिक शिक्षा को नियमानुसार व्यवस्थित ढ़ग से सीखा        जाता है।

     अनौपचारिक शिक्षा को सीखने का कोई नियम नहीं होता है।

  5. औपचारिक शिक्षा परम्परागत होती है।

    अनौपचारिक शिक्षा गैर परम्परागत होती है।

  6. औपचारिक शिक्षा में नियमित एंव कृत्रिम वातावरण होता है।

    अनौपचारिक शिक्षा में प्राकृतिक वातावरण होता है जैसें- खेल      का मैदान, मन्दिर।

  7. औपचारिक शिक्षा योजनाबद्ध तरीके से चलती है।

    अनौपचारिक शिक्षा योजनाबद्ध तरीके से नहीं चलती। यह         जन्म से ही शुरु हो जाती है।

  8. औपचारिक शिक्षा में मूल्याकंन करके प्रमाणपत्र दिया जाता है।

    अनौपचारिक शिक्षा में कोई प्रमाणपत्र नहीं होता।

  9. औपचारिक शिक्षा विशेष प्रक्रिया या विशेष समय के बाद          समाप्त हो जाती है।

   अनौपचारिक शिक्षा जीवन पर्यन्त चलती रहती है।

  10. यह एक सुनिश्चित प्रक्रिया होती है।

      यह कोई प्रक्रिया नहीं होती, केवल अनुभव है।

  11. औपचारिक शिक्षा का सबसे प्रमुख साधन विघालय है।

      अनौपचारिक शिक्षा का आधार स्वत: सीखना है।

  12. औपचारिक शिक्षा शिक्षक प्रधान शिक्षा है।

        यह छात्र केंद्रित शिक्षा है।

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