अनेक शब्दों या वाक्यांश के लिए एक शब्द
अनेक शब्दों या वाक्यांश के लिए एक शब्द
जब किसी वाक्यांश के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग
किया जाता है तो उसे वाक्यांश के लिए एक शब्द या अनेक शब्दों के लिए एक शब्द कहा
जाता है।
अनेक शब्दों के स्थान पर यदि एक ऐसे
शब्द का प्रयोग किया जाता है, जो विशिष्ट अर्थ-गर्भित होता है, तो कथन अधिक प्रभावशाली एवं भावपूर्ण बन जाता है।
उदाहरण-
वह जमीन जिसमे कुछ भी पैदा न
हो- ऊसर।
अनेक शब्दों के स्थान पर मात्र एक
शब्द का प्रयोग काव्यगत चमत्कार तो उत्पन्न करता ही है और पाठक के समय की बचत हेतु
भी बन जाता है। अनेक
शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग सारांश लेखन अथवा संक्षिप्तीकरण में भी बहुत
सहायक है।
1 जो केवल एक आँख वाला हो- एकाक्ष
2 जो किसी का उपकार न माने- कृतघ्न
3 गरीबों हेतु नि:शुल्क भोजन-
सदाव्रत
4 जिसकी कोई उपमा न हो- अनुपम
5 जिसके ऊपर किसी का उपकार
हो- उपकृत
6 अनुकरण किए जाने योग्य-
अनुकरणीय
7 जिसे वाणी से व्यक्त न
किया जा सके- अनिर्वचनीय
8 जो समान न हो- असम
9 आरम्भ से अंत तक- आघोपांत
10 इन्द्रियों द्वारा जिसके
विषय में न जाना जा सके- अगोचर
11 जो इस लोक का न हो-
अलौकिक
12 जो व्यक्ति विदेश में
जाकर रहने लगा हो- अप्रवासी
13 जो गुण-दोष का विवेचन
करे- आलोचक
14 जो व्यर्थ का व्यय करता
हो- अपव्ययी
15 जो खाने योग्य न हो-
अखाद्य
16 जो पहले कभी न हुआ हो-
अभूतपूर्व
17 जो देखा न जा सके- अदृश्य
18 बिना प्रयास के- अनायास
19 पैर से मस्तक तक-
आपादमस्तक
20 अवश्य होने वाला-
अवश्यम्भावी
21 जो वध करने योग्य न हो-
अबध्य
22 जिस पर अभियोग चलाया गया
हो- अभियुक्त
23 फेंककर चलाया जाने वाला
हथियार- अस्त्र
24 आदेश की अवहेलना- अवज्ञा
25 नीले रंग का कमल- इन्दीवर
26 उत्तर-पूर्व के बीच का
कोण- ईशान
27 जिसने इन्द्र को जीत लिया
हो- इन्द्रजीत
28 लिखने योग्य विवरण- उल्लेखनीय
29 जिसकी इच्छा की गई हो-
इच्छित
30 जिस जमीन में कुछ न होता
हो- ऊसर
31 इन्द्र का साथी- ऐरावत
32 जिसने ऋण चुका लिया हो-
उऋण
33 सांसारिक वस्तुओं को
प्राप्त करने की इच्छा- एषणा
34 तीव्र बुद्धि वाला-
कुशाग्र
35 भोजन के बाद बची जूठन-
उच्छिष्ट
36 धनुष को धारण करने वाला-
धनुर्धर
37 पुत्री का पुत्र- दौहित्र
38 जिसका निवारण कठिन हो-
दुर्निवार
39 जिसका उपचार कठिन हो-
दु:साध्य
40 जिसका विवाह अभी हुआ हो
वह स्त्री- नवोढ़ा
41 जीवित रहने की इच्छा-
जिजीविषा
42 शीघ्र चलने वाला-
द्रुतगामी
43 बिना पलक झपकाए देखना-
निर्निमेष
44 दोपहर का समय- मध्याह्र
45 जो मार्ग से भटक गया हो-
पथभ्रष्ट
46 भवन का खण्डहर- भग्नावशेष
47 मांस रहित भोजन-
निरामिष
48 जिसने मृत्यु को जीत लिया
हो- मृत्युंजय
49 जिसमें दया न हो- निर्दय
50 जिसे पार करना कठिन हो-
दुस्तर
51 जहाँ जाना कठिन हो-
दुर्गम
52 रंगमंच का परदा- यवनिका
53 ईश्वर में विश्वास न करने
वाला- नास्तिक
54 मघपान करने वाला- मघप
55 मीठा बोलने वाला व्यक्ति-
मधुरभाषी
56 भाग्य पर भरोसा करने
वाला- भाग्यवादी
57 पानी में लगने वाली आग-
बड़वाग्नि
58 जंगल में लगने वाली आग-
दावाग्नि
59 पेट की आग- जठराग्नि
60 जिसका कोई शत्रु उत्पन्न
न हुआ हो- अजातशत्रु
61 जो पहले कभी न हुआ हो-
अभूतपूर्व
62 यात्रा करने वाला
व्यक्ति- यायावर
63 जो समान आयु का हो-
समव्यस्क
64 जिसकी बहुत चर्चा हो-
बहुचर्चित
65 घूमने फिरने वाला साधू-
परिव्राजक
66 जो सदा से चला आ रहा है-
सनातन
67 स्त्रियों जैसें स्वभाव
वाला व्यक्ति- स्त्रैण
68 सबको समान दृष्टि से
देखने वाला व्यक्ति- समदर्शी
69 समान रुप से ठण्ड़ा और
गर्म- समशीतोष्ण
70 जो साथ पढ़ा हो- सहपाठी
71 हित चहाने वाला- हितैषी
72 फूलो का गुच्छा- स्तवक
73 कम जानने वाला- अज्ञ
74 कुछ भी न जानने वाला-
अल्पज्ञ
75 जहाजों का गुच्छा- बेड़ा
76 चाबियों का समूह- गुच्छा
77 जो बाएँ हाथ से भी तीर
चलाने में कुशल हो- सव्यसाची
78 सब कुछ जानने वाला-
सर्वज्ञ
79 जो संविधान के अनुरुप हो-
संवैधानिक
80 जिसके स्थान पर कोई अन्य
आया हो- स्थानापन्न
81 यज्ञ में आहुति देने
वाला- होता
82 हवन के लिए प्रस्तुत
सामग्री-
हवि
83 व्याकरण की जानकारी रखने
वाला- वैयाकरण
84 शिशु को सुलाने के लिए
गाया जाने वाला गीत- लोरी
85 जो पढ़ना-लिखना जानता हो-
साक्षर
86 जो पढ़ना-लिखना नहीं
जानता- निरक्षर
87 हाथ में आ गया हो- हस्तगत
88 अन्य के कार्य में दखल
देना- हस्तक्षेप
89 सौ वर्षो का समय- शताब्दी
90 बुरे इरादे से बनाया गया
समूह- गिरोह
91 एक ही माँ के पुत्र-
सहोदर
92 जिसे अनेक भाषाओं की
जानकारी हो- बहुभाषाविद
93 जो इस लौक से सम्बन्धित
हो- लौकिक
94 जिसके हाथ में वीणा हो-
वीणापाणी
95 सरकार द्वारा प्रकाशित
गजट- राजपत्र
96 रोंगटे खड़े कर देने वाला-
रोमांचकारी
97 जिसका कोई अंग दोषपूर्ण
या टूटा-फूटा हो- विकलांग
98 जिस पुरुष की पत्नी मर गई
हो- विधुर
99 जिस स्त्री का पति मर गया
हो- विधवा
100 जिसका पति जीवित है-
सधवा
101 वह मंच जहाँ नाटक का
अभिनय होता हो- रंगमंच
102 जिसके चार भुजाएँ हो-
चतुर्भुज
103 जिसके दस आनन है- दशानन
104 जो भू को धारण करता है-
भूधर
105 जिसके आने की तिथि मालूम
न हो- अतिथि
106 जिसके समान द्वितीय नहीं
है- अद्वितीय
107 जिसके पार देखा जा सके-
पारदर्शक
108 जिसके पार देखा न जा
सके- अपारदर्शक
109 जिसके ह्रदय में दया
नहीं है- निर्दय
110 जिसके ह्रदय में ममता
नहीं है- निर्मम
111 जो सर्वशक्तिसम्पन्न है-
सर्वशक्तिमान्
112 जल में जन्मने वाला- जलज
113 अंडे में जन्मने वाला-
अंडज
114 जो बहुत बोलता है- वाचाल
115 जो कहा न जा सके- अकथनीय
116 जिसकी उपमा न हो- अनुपम
117 जो अच्छे कुल में
उत्पन्न हुआ है- कुलीन
118 अवश्य होने वाला-
अवश्यंभावी
119 जो देखा नहीं जा सकता-
अदृश्य
120 भविष्य में होनेवाला- भावी
121 जो नहीं हो सकता- असंभव
122 जो देने योग्य है- देय
123 जो संगीत जानता है-
संगीतज्ञ
124 जो जन्म से अंधा-
जन्मांध
125 आँखों से सामने-
प्रत्यक्ष
126 आँखों से परे- परोक्ष
127 जो नष्ट होने वाला है-
नश्वर
128 अपने परिवार के साथ-
सपरिवार
129 जो स्त्री कविता रचती
है- कवयित्री
130 जो स्त्री अभिनय करे-
अभिनेत्री
131 जो पुरुष अभिनय करे-
अभिनेता
132 जो मांस आहार करता है-
मांसाहारी
133 जो शाक आहार करता है-
शाकाहारी
134 जो फल आहार करता है-
फलाहारी
135 कार्य करने वाला-
कार्यकर्ता
136 जो विज्ञान जानता है-
वैज्ञानिक
137 जो शास्त्र जानता है-
शास्त्रज्ञ
138 बिक्री करने वाला- विक्रेता
139 ग्राम का- ग्रामीण
140 नगर का- नागरिक
141 याचना करने वाला- याचक
142 देखने योग्य- दर्शनीय, द्रष्टव्य
143 पूछने योग्य- प्रष्टव्य
144 करने योग्य- करणीय, कर्तव्य
145 पूजने योग्य- पूजनीय, पूज्य
146 सुनने योग्य- श्रवणीय, श्रव्य
147 पढ़ने योग्य- पठनीय, पाठ्य
148 खाने योग्य- खाद्य
149 अत्यधिक वृष्टि-
अतिवृष्टि
150 वृष्टि का अभाव-
अनावृष्टि
151 पुत्र की वधू- पुत्रवधू
152 पुत्र का पुत्र- पौत्र
153 जहाँ खाना मुफ्त मिलता
है- सदाव्रत
154 जो धर्माचरण करता है-
धर्मात्मा
155 जो व्याख्या करता है-
व्यख्याता
156 जो पुस्तकों की आलोचना
करता है- आलोचक
157 जो पुस्तकों की समीक्षा
करता है- समीक्षक
158 यात्रा करने वाला-
यात्री
159 जहाँ लोगो का मिलन हो-
सम्मेलन
160 जिसका उदर लम्बा हो-
लम्बोदर
161 जो पुरुष लोहे की तरह
बलिष्ठ है- लौहपुरुष
162 युग का निर्माण करने वाला-
युगनिर्माता
163 जो स्मरण रखने योग्य है-
स्मरणीय
164 जो मोक्ष चाहता है-
मुमुक्षु
165 क्रम के अनुसार- यथाक्रम
166 जिस स्त्री को कोई संतान
न हो- वंध्या, बाँझ
167 जो पीने योग्य हो- पेय
168 जीतने की इच्छा- जिगीषा
169 खाने की इच्छा- बुभुक्षा
170 लाभ की इच्छा- लिप्सा
171 जीवन भर- आजीवन
172 मरण तक- आमरण
173 जो मापा न जा सके-
अपरिमेय,
अपरिमित
174 वह जिसकी दृष्टि दूर तक
जाए- दूरदर्शी
175 जिसकी आशा न की गई हो-
अप्रत्याशित
176 सुख देने वाला- सुखद
177 दु:ख देने वाला- दु:खद
178 जो पांचाल देश की है-
पांचाली
179 जो स्त्री अभिनय करे-
अभिनेत्री
180 जिसके चार पद है-
चतुष्पद
181 हत्या करने वाला-
हत्यारा
182 जो पहरा देता है- प्रहरी
183 जो कला की रचना करता है-
कलाकार
184 जो देखने में प्रिय लगता
है- प्रियदर्शी
185 जहाँ नदियों का मिलन हो-
संगम
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